Loose Top

रेड ज़ोन में महिला नक्सलियों की ‘बगावत’

छत्तीसगढ़ के रेड ज़ोन में नक्सली महिलाओं ने बगावत कर दी है। इसकी कीमत उन्हें जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है। बीते करीब एक महीने में अकेले बीजापुर में पांच महिला नक्सलियों ने खुदकुशी की है। ये महिलाएं गरीबी से मजबूर होकर नक्सलियों के चंगुल में फंस जाती हैं। वहां पर उनके साथ बलात्कार और तरह-तरह के अत्याचार किए जाते हैं। कई लड़कियों ने नक्सलियों का गिरोह छोड़कर भागने की भी कोशिश की है। ऐसी ही 2 लड़कियों को पिछले दिनों नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया।

महिला नक्सलियों से हथियार छीने गए

एक अनुमान के मुताबिक इस समय 300 से ज्यादा महिला नक्सलियों का अपने दलम से मोह भंग हो चुका है। वो शादी करके अपना घर बसाना चाहती हैं, इसके लिए वो सरेंडर के लिए तैयार हैं। इसकी भनक लगते ही नक्सलियों ने ज्यादातर महिलाओं से हथियार छीन लिए हैं और उन पर नजर रखी जा रही है। उन्हें कैंपों से बाहर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। महिलाओं के अलावा कई पुरुष नक्सली भी भागने की फिराक में हैं।

कैसे मिली बगावत की जानकारी

मैनी मज्जी ने अपने पति सन्नू पोयम के साथ सरेंडर किया। दोनों पर 8 लाख रुपये का इनाम था।
मैनी मज्जी ने अपने पति सन्नू पोयम के साथ सरेंडर किया। दोनों पर 8 लाख रुपये का इनाम था।

महिला नक्सलियों की बगावत की जानकारी मैनी मज्जी नाम की एक नक्सली ने सुरक्षा बलों को दी है। मैनी बीते हफ्ते अपने नक्सली दलम से भाग निकली थी। उसके साथ भाग रही दो साथी नक्सलियों के हाथ लग गईं और उन्हें गोली मार दी गई। मैनी का पति बीजापुर दलम का कमांडर था। उसका पति भी नक्सलियों को धोखा देकर जंगल से भागने में कामयाब हो गया। दोनों ने अपनी एके-47 राइफल के साथ पुलिस के आगे सरेंडर किया है। मैनी मज्जी नक्सलियों के मेडिकल विंग का काम देखती थी। वो सातवीं पास है और उसने नर्सिंग की ट्रेनिंग ले रखी है। वो अपने पति के साथ आम जिंदगी जीना चाहती है, इसलिए जान जोखिम में डालकर नक्सलियों के गढ़ से भाग आई।

जबरन नक्सली बनाई जाती हैं महिलाएं

नक्सलियों ने बीते कुछ सालों में बस्तर और सरगुजा इलाकों में बाकायदा कई महिलाओं को अगवा करके उन्हें नक्सली बनाया। ऐसी महिलाओं से अपराध करवा कर उसकी जानकारी वो पुलिस तक पहुंचा देते हैं ताकि उनके खिलाफ केस दर्ज हो जाएं और वो चाह कर भी वापस अपने घर-परिवार में न लौट सकें।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या कांग्रेस का घोषणापत्र देश विरोधी है?

View Results

Loading ... Loading ...