ईसाई प्रिंसिपल चाहिए, लेकिन धर्मांतरण वाला नहीं!

छात्रा के यौन शोषण समेत कई विवादों में घिरा दिल्ली का सेंट स्टीफेंस कॉलेज नए पचड़े में फंसता दिख रहा है। कॉलेज ने प्रिंसिपल के पद के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया है, जिसके मुताबिक उम्मीदवार को पढ़ा-लिखा होने के साथ-साथ ईसाई होना जरूरी है। वैसे तो अल्पसंख्यक दर्जे वाला कॉलेज होने के नाते इस शर्त में कोई नई बात नहीं है। अगर आप ईसाई नहीं हैं तो आपको इंटरव्यू देने तक की इजाज़त नहीं है। लेकिन ईसाई भी कोई ऐसा-वैसा नहीं, बल्कि CNI (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया), CSI (चर्च ऑफ साउथ इंडिया), मारथोमा सीरियन चर्च का आदमी होना चाहिए। मतलब धर्मांतरण करके ईसाई बना शख्स भी प्रिंसिपल बनने के काबिल नहीं होगा।

कट्टरता और भेदभाव का मामला

देश के तमाम बड़े नेता और अधिकारी सेंट स्टीफेंस कॉलेज के छात्र रहे हैं। यह कॉलेज अपने लिबरल और प्रोग्रेसिव सोच के लिए जाना जाता है। लेकिन प्रिंसिपल को चुनने के लिए जैसी दकियानूसी योग्यताएं मांगी गई हैं, उनसे कॉलेज के दावों पर सवाल खड़ा होता है। जिन तीन संस्थाओं से जुड़े ईसाइयों को ही इंटरव्यू में बुलाया गया है, वो ईसाइयों का एक छोटा हिस्सा ही हैं। ऐसा लगता है कि कोशिश है कि धर्म बदलकर ईसाई बना कोई शख्स ऊंचे पद पर न पहुंचने पाए।

प्रिंसिपल की उम्र पर भी दकियानूसी सोच

विज्ञापन में एक शर्त यह भी है कि एप्लिकेशन भेजने वालों की उम्र 50 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। ऐसे में जब तमाम शैक्षिक संस्थाओं में कम उम्र वाले लोग भी अपनी योग्यता से ऊंचे पदों तक पहुंच रहे हैं, ऐसे में न्यूनतम उम्र की शर्त अजीबोगरीब है। इतना ही नहीं एप्लिकेशन फॉर्म में एक कॉलम में पूछा गया है कि आपने शिक्षा के मतलब और संभावनाओं पर आपने कौन सी 3 किताबें पढ़ी हैं। अगर किसी ने 3 से ज्यादा किताबें पढ़ी हैं तो भी उसे 3 के बारे में ही बताना होगा।

विवादों में रहे पिछले प्रिंसिपल

कॉलेज के मौजूदा प्रिंसिपल वालसन थंपू रिटायर होने वाले हैं। थंपू पर तमाम गड़बड़ियों के अलावा एक छात्रा के उत्पीड़न का मामला भी दर्ज हो चुका है। बीते कुछ सालों में इस कॉलेज का जैसा रिकॉर्ड रहा है उसे देखकर यही लगता है कि उन्हें किसी धर्मगुरु की बजाय किसी पेशेवर प्रिंसिपल की ज्यादा जरूरत है, जो इस कॉलेज को विवादों से बाहर निकाल सके।

अखबार में छपा पूरा विज्ञापन देखने के लिए क्लिक करें।

अंग्रेजी अखबार द हिंदू में छपा विज्ञपान जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया है।

अंग्रेजी अखबार द हिंदू में छपा विज्ञपान जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया है।

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