सात महीने में केजरीवाल की मोदी को चौथी चिट्ठी

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक और चिट्ठी भेज दी है। मुख्यमंत्री बने सात महीने हुए हैं और मोदी के नाम उनकी ये चौथी चिट्ठी है। हमेशा की तरह इस चिट्ठी में भी शिकायतों और अपीलों की भरमार है। देश के किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने इतने कम वक्त में प्रधानमंत्री को शायद इतनी चिट्ठियां नहीं लिखी होंगी। केजरीवाल इस बात से नाराज हैं कि उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली के अधिकारियों को संविधान के दायरे में रहते हुए काम करने के लिए एक मेमो भेजा है। खास बात ये है कि हमेशा की तरह केजरीवाल की ये चिट्ठी भी शायद प्रधानमंत्री तक पहुंचने से पहले मीडिया में जारी हो गई।

केजरीवाल की नई चिट्ठी में क्या है?

अंग्रेजी में लिखी ताजा चिट्ठी सुप्रीम कोर्ट के उस कमेंट के बहाने लिखी गई है, जिसमें अदालत ने कहा था कि ‘अगर दोनों सरकारें आपस में बातचीत कर टकराव नहीं दूर कर सकतीं, तो वक्त आने पर जनता इस समस्या का निपटारा कर देगी। इसी को आधार बनाकर केजरीवाल ने तीन पेज का पत्र लिख मारा। एक तरफ वो बातचीत की वकालत करते रहे, दूसरी तरफ गृह मंत्रालय से लेकर उपराज्यपाल तक की शिकायत भी की।

‘केजरीवाल अब कॉमेडी कर रहे हैं’

केजरीवाल की एक और चिट्ठी पर विपक्ष उनकी खिल्ली उड़ा रहा है। बीजेपी का कहना है कि केजरीवाल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री हर वक्त उनकी शिकायतें और आरोप सुनने के लिए बैठे रहें। बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि केजरीवाल अब कॉमेडी कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस कह रही है कि चिट्ठी लिखकर उन्होंने डेंगू से निपटने में अपनी नाकामी और प्याज घोटाले से ध्यान बंटाने की कोशिश की है। कांग्रेस नेता अजय मानक ने कहा कि अच्छी बात है कि सिर्फ चिट्ठी ही लिखी है, पोस्टर नहीं छपवाए।

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