Home » Viral Videos » चाइल्ड अब्यूज पर ये फिल्म अपने बच्चों को दिखाएं
Viral Videos

चाइल्ड अब्यूज पर ये फिल्म अपने बच्चों को दिखाएं

अक्सर बच्चों के साथ घर, स्कूल या पास-पड़ोस में यौन उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं, जो वो अपने मां-बाप को भी नहीं बता पाते। ये समस्या दिनो-दिन बढ़ती जा रही है, इसके बावजूद बहुत से लोग इस पर खुलकर बातचीत भी नहीं करते। न ही अपने बच्चों को इस खतरे से बचने के लिए जागरूक कर पाते हैं। अगर आप अपने बच्चे को इस बारे में जानकारी देना चाहते हैं तो उन्हें आप ये छोटी सी एनिमेशन फिल्म दिखा सकते हैं। ‘कोमल’ नाम की इस फिल्म को इस साल बेस्ट एजुकेशनल फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला है।

    • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक बच्चों से यौन उत्पीड़न के मामलों में 336% की बढ़ोतरी हुई है।
    • 2001 2011 के बीच कुल 48,338 बच्चों से यौन हिंसा के केस दर्ज किए गए।
    • 2001 में इनकी संख्या 2,113 थी। 2011 में ये बढ़कर 7,112 हो गई।
    • ज्यादातर मामलों में अब भी केस दर्ज नहीं हो पाते। क्योंकि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि क्या करना है।
    • भारत में हर 3 में से 2 स्कूली बच्चा/बच्ची शारीरिक शोषण का किसी न किसी रूप में शिकार होता है।
    • 4 से 12 साल तक की उम्र के बच्चों के साथ सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं।

 

images
स्कूल में यौन शोषण के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Donate to Newsloose.com

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

या स्कैन करें

Popular This Week

Don`t copy text!