अपनी बोली से मोदी की टेंशन बढ़ाने वाले टॉप-5 मंत्री

नरेंद्र मोदी ने बहुत सोच-विचार कर अपना मंत्रिमंडल चुना था। लेकिन इनमें से कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जो अपनी हरकतों से उनके लिए शर्मिंदगी के हालात पैदा करते रहते हैं। ताजा मामला नरेंद्र सिंह तोमर का है, जिन्होंने ये कह डाला कि बीजेपी ने कभी अच्छे दिनों का वादा किया ही नहीं था। एक लिस्ट उन टॉप-5 मंत्रियों की जिन्होंने नरेंद्र मोदी की टेंशन ही ज्यादा बढ़ाई है।

1. नरेंद्र तोमर, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री

नरेंद्र तोमर ने ये कहकर हंगामा मचा दिया कि बीजेपी ने कभी ‘अच्छे दिनों’ का वादा नहीं किया था। ये नारा तो सोशल मीडिया ने बीजेपी के मुंह में डाल दिया था। तोमर अब कह रहे हैं कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। तोमर साहब की जुबान पहले भी फिसल चुकी है, जब मॉनसून सत्र के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेताओं को ‘दो कौड़ी’ का कहा था। बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।

2. राधामोहन सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री

मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ज्यादा समझ-बूझ की उम्मीद की जानी चाहिए। लेकिन किसानों की आत्महत्याओं पर संसद में दिए लिखित जवाब में मंत्री जी ने बताया कि कैसे ज्यादातर मौत नपुंसकता और प्रेम प्रसंग की वजह से होती हैं। दरअसल ये बात नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट से उठाई गई थी। अगर थोड़ी समझदारी बरती जाती तो इस बात को छोड़ा भी जा सकता था। बवाल मचा तो सफाई दी कि यही वजह पिछली सरकार की रिपोर्ट में भी बताई गई थी, लेकिन ये बात तो पूछी ही जाएगी कि मंत्री जी, पिछली सरकार ने जो-जो काम किए क्या आप भी उसी को दोहराने का इरादा लेकर आए हैं?

3. गिरिराज सिंह, लघु उद्योग राज्य मंत्री

मोदी के बड़े समर्थक माने जाते हैं, लेकिन अक्सर ऐसे बयान दे देते हैं। जिससे विरोधियों को सीधे मोदी पर हमला करने का मौका मिल जाए। कुछ समय पहले इनका एक वीडियो पब्लिक हुआ जिसमें वो सोनिया गांधी के रंग को लेकर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे। ये ठीक है कि वो एक निजी बातचीत का हिस्सा था, लेकिन मंत्री होने के नाते गिरिराज सिंह ऐसी बातों से बच भी सकते थे। इसके पहले वो ये कहकर भी हंगामे की वजह बन चुके हैं कि जो लोग बीजेपी को वोट नहीं देते हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

4.साध्वी निरंजन ज्योति, फूड प्रॉसेसिंग राज्य मंत्री

दिल्ली चुनाव के वक्त एक मंत्री के मुंह से रामजादे और हरामजादे जैसे शब्द सुनकर सभी लोग चौंक गए थे। उस वक्त इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ था। नतीजा ये निकला कि संसद में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सफाई देनी पड़ी थी।

5. बाबुल सुप्रियो, शहरी विकास राज्य मंत्री

गायक बाबुल सुप्रियो बंगाल में बीजेपी के पहले सांसद हैं। इसी के इनाम के तौर पर जूनियर होने के बावजूद मंत्री का पद भी मिल गया। लेकिन अक्सर अपनी हरकतों की वजह से सरकार के लिए शर्मिंदगी की वजहें पैदा करते रहते हैं। कुछ समय पहले उन्हें दिल्ली में बाइक पर बिना हेलमेट घूमते देखा गया था। इससे पहले उन्होंने आसनसोल में सरकारी कार्यक्रम के दौरान अपने नए अखबार के लिए खुलेआम विज्ञापन मांगे थे।

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