नया मोटो-G स्मार्टफोन खरीदने से पहले ये बातें जरूर जान लें

एंड्रायड स्मार्टफोन के मार्केट में तहलका मचाने वाला मोटोरोला कंपनी के मॉडल मोटो-G का नया अवतार मार्केट में आ चुका है। लेकिन क्या ये फोन भी अपने पिछले वर्जन की तरह तलहका मचा पाएगा। मोटो-G के सेकेंड जेनरेशन फोन से जिस तरह बहुत सारे लोगों को निराशा मिली थी, उसे देखते हुए इस बार ये सवाल काफी अहम हो गया है। हम आपको बताएंगे कि वो कौन सी बातें हैं जिनसे ये साबित होता है कि मोटो-G Gen 3 अपनी रेंज में मार्केट का सबसे बेहतरीन स्मार्ट फोन नहीं कहा जा सकता।

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इंटरनल मेमोरी काफी नहीं है

ऐसे वक्त में जब स्मार्टफोन कंपनियां 32 और 64 GB तक इंटरनल स्टोरेज दे रही हैं, मोटो-G Gen 3 में सिर्फ 8 और 16 GB मेमोरी दी गई है। 13 मेगापिक्सेल का मेन कैमरा और 5 मेगापिक्सेल का फ्रंट कैमरा दिया है। इसकी वजह से फोन में खींची जाने वाली फोटो पहले से हैवी होंगी, जिसके लिए ज्यादा स्पेस की जरूरत होगी। वैसे तो मेमोरी कार्ड लगाकर स्टोरेज को एक्सपैंड जरूर कर सकते हैं, लेकिन जाहिर है उससे आपके फोन पर एक्स्ट्रा लोड पड़ेगा।

बैटरी की कैपेसिटी कम पड़ेगी

मोटो-G के नए जेनरेशन के साथ दूसरी बड़ी दिक्कत है उसकी बैटरी। जेनरेशन-2 तक फोन के साथ 2070 mAh की बैटरी थी, जिसे बढ़ाकर 2470 mAh किया गया है। जिस तरह से फोन का प्रॉसेसर, रैम और दूसरे फीचर्स अपग्रेड हो रहे हैं, उसके हिसाब से बैटरी का ये अपग्रेडेशन काफी नहीं है। अगर आप हैवी यूजर हैं तो ये बैटरी आपकी जरूरत के हिसाब से कमजोर साबित हो सकती है। 12 हजार रुपये की रेंज में आज मार्केट में ऐसे कई स्मार्टफोन हैं, जिनकी बैटरी मोटो-G के मुकाबले बेहतर है।

1000 रुपये कम देने पर मेमोरी ही नहीं, रैम भी आधा

मोटो G Gen 3 के 8 GB वैरिएंट की कीमत 12 हजार रुपये है, जबकि इससे डबल मेमोरी वाले वैरिएंट का दाम 13 हजार रुपये है। मतलब ये कि सिर्फ एक हजार रुपये एक्स्ट्रा देने से आपको 16जीबी की मेमोरी मिल जाएगी। लेकिन अंतर सिर्फ इतना ही नहीं है। 16जीबी वाले फोन में 2 जीबी रैम है, जबकि 8 जीबी वाले फोन का रैम एक जीबी ही रखा गया है। ये अंतर काफी बड़ा है। हो सकता है बहुत सारे लोग इस फर्क को नोटिस न कर पाएं।

वॉटरप्रूफ फोन का दावा भी गलत

मोटोरोला का दावा है कि मोटो-G Gen 3 फोन तीन फ़ीट पानी के अंदर आधे घंटे के लिए डूब जाए तो भी उसे कोई नुक़सान नहीं होगा, लेकिन ये बात पूरी तरह सच नहीं है। दरअसल ये फोन वाटर प्रूफ नहीं है। क्योंकि कंपनी ने बहुत सारे ifs and buts लगा रखे हैं। जैसे कि पीछे का कवर ठीक से बंद होना चाहिए। अगर पानी में डालने के चक्कर में फोन खराब हो गया तो कंपनी कह देगी कि आपने कवर ठीक से बंद नहीं किया था। मोटो जी दरअसल वाटर रेजिस्टेंट फोन है। अगर कहीं हल्का-फुल्का पानी फोन पर पड़ गया तो दिक्कत नहीं होगी। ये दावा थोड़ा ज्यादा है कि पानी में डुबो देने पर भी फोन खराब नहीं होगा।

खैर इन सारी कमियों के बावजूद मोटो-जी एक भरोसेमंद स्मार्टफोन है। अच्छा होता कि मोटोरोला कंपनी मार्केट में मौजूद दूसरे स्मार्टफोन के मुकाबले अपने कस्टमर्स को कुछ और बेहतर ऑफर करती।

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