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अब 15 अगस्त के बहाने दिल्ली पुलिस से टकराव की तैयारी में केजरीवाल

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 15 अगस्त का जश्न मनाना चाहती है दिल्ली सरकार, पुलिस ने इजाज़त नहीं दी तो नया विवाद खड़ा होने के पूरे आसार

देश की आजादी के दिन को मनाने के नाम पर भी अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार से टकराव लेने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। दरअसल दिल्ली सरकार तीन दिन का स्वराज पर्व मनाना चाहती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस से इजाज़त मांगी गई है। इसके लिए जो जगह चुनी गई है वो है कनॉट प्लेस के बीचोबीच सेंट्रल पार्क। लेकिन जिस तरह की सुरक्षा 15 अगस्त के दिन की जाती है उसके हिसाब से सेंट्रल पार्क में किसी प्रोग्राम की इजाज़त नहीं दी जा सकती। जाहिर है दिल्ली सरकार इसके लिए तैयार नहीं है।

क्या चाहते हैं केजरीवाल

बताया जा रहा है कि केजरीवाल सरकार की ओर से दिल्ली पुलिस को एक चिट्ठी भेजी गई है, जिसके जरिए तीन दिन तक सेंट्रल पार्क में चलने वाले स्वराज पर्व के लिए सुरक्षा मांगी गई है। जाहिर है केजरीवाल इसमें अपने समर्थकों की भारी भीड़ जुटाकर ताकत दिखाने की पूरी कोशिश भी करना चाहेंगे।

क्या है दिल्ली पुलिस की मुश्किल

पुलिस की मुश्किल ये है कि उसकी 80 फीसदी से ज्यादा फोर्स लाल किले पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम की सुरक्षा में लगी होगी। पुलिस को जो खुफिया इनपुट्स मिले हैं, उनके मुताबिक लालकिला भी आतंकवादियों के टारगेट पर है। ऐसे में सेंट्रल पार्क जैसी खुली और बड़ी जगह के लिए सुरक्षा देना आसान नहीं होगा।

अब तक क्या होता रहा है

15 अगस्त या 26 जनवरी के दिन दिल्ली सरकार के कार्यक्रम अब तक छत्रसाल स्टेडियम में होते रहे हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल को लग रहा है कि वहां पर होने वाले किसी प्रोग्राम को उतनी पब्लिसिटी नहीं मिलेगी, जितनी कि सेंट्रल पार्क में। छत्रसाल स्टेडियम में सुरक्षा और गार्ड ऑफ ऑनर की जिम्मेदारी भी दिल्ली पुलिस की ही होती है।

विवाद से बचना चाहती है दिल्ली पुलिस

खबरों के मुताबिक दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को लग रहा है कि अगर उन्होंने सेंट्रल पार्क के कार्यक्रम की परमिशन नहीं दी, तो अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी इसे भी मुद्दा बना लेंगे। और कहने लगेंगे कि नरेंद्र मोदी के इशारे पर उन्हें इजाज़त नहीं दी गई है।

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