इमर्जेंसी का फिल्मी गाना, जिसे सुनने पर भी पाबंदी है!

अंग्रेजों से आजादी के बाद देश में एक दौर ऐसा भी रहा है, जब एक बार फिर से लोगों की आजादी छीन ली गई थी। इस बार ऐसा करने वाले किसी दूसरे देश के लोग नहीं, बल्कि इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार थी। इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को देश में आपातकाल का एलान कर दिया था। ये 21 मार्च 1977 तक चला था। इमर्जेंसी के 21 महीने में भारत में लोगों पर बेपनाह जुल्म ढाए गए थे। लाखों लोगों की नसबंदी कर दी गई और भारी तादाद में लोगों को जेलों में ठूंस दिया गया था। भारत के संविधान की धारा 352 के तहत कोई सरकार आपातकाल की घोषणा कर सकती है, लेकिन ऐसा तब ही किया जा सकता है जब ये बहुत जरूरी हो। जबकि इंदिरा गांधी ने इस धारा का इस्तेमाल अपनी कुर्सी को बचाने के लिए किया था।

नसबंदी पर बना था गाना

आपातकाल के 21 महीने देश की आबादी कम करने के नाम पर नसबंदी (vasectomy) अभियान चलाया गया था। ये सब इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के हुक्म पर हुआ। देश भर में हजारों कुंआरों की भी पकड़-पकड़कर नसबंदी कर दी गई थी। कई लोगों के साथ तो धोखे से बिना बताए ये काम किया गया। इसके बाद 1978 में ‘नसबंदी’ नाम की फिल्म आई थी। ये फिल्म जब रिलीज हुई थी उस वक्त देश में इमर्जेंसी खत्म होने के बाद चुनाव कराए गए थे और जनता पार्टी की सरकार बनी थी। 1980 में दोबारा प्रधानमंत्री बनने के साथ ही इंदिरा गांधी ने इस फिल्म पर पाबंदी लगा दी थी। देखिए इसी फिल्म का एक गाना।

 

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